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Showing posts with label यह हमारे किये कर्मों का परिणाम नहीं है कि हम इसका गर्व कर सकें।. Show all posts
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Saturday, July 27, 2013

इस शब्द से नफरत है?

बौद्ध यह कहना होगा. वे इस पाप है विश्वास करते हैं. मानवता की प्रगति में बाधा उत्पन्न जो कुछ भी है. व्यक्ति अपने पाप के लिए जिम्मेदार हैं.

बाइबल यह सिखाती है. परमेश्वर की इच्छा के लिए किसी भी विचार या कर्म विपरीत. मनुष्य पाप में आध्यात्मिक मर चुके हैं.




रोमियों 3:10

 शास्त्र कहता है:

“कोई भी धर्मी नहीं, एक भी!


रोमियों 3:23

 क्योंकि सभी ने पाप किये है और सभी परमेश्वर की महिमा से रहित है।

 

 

रोमियों 5:12

 इसलिए एक व्यक्ति (आदम) के द्वारा जैसे धरती पर पाप आया और पाप से मृत्यु और इस प्रकार मृत्यु सब लोगों के लिए आयी क्योंकि सभी ने पाप किये थे।

 

 

इफिसियों 2:1

 एक समय था जब तुम लोग उन अपराधों और पापों के कारण आध्यात्मिक रूप से मरे हुए थे

 

 बाइबल पूरी दुनिया के मोक्ष सिखाता है. यह मसीह के प्रयासों के माध्यम से ही है.

तीतुस 3:5

  उसने हमारा उद्धार किया। यह हमारे निर्दोष ठहराये जाने के लिये हमारे किसी धर्म के कामों के कारण नहीं हुआ बल्कि उसकी करुणा द्वारा हुआ। उसने हमारी रक्षा उस स्नान के द्वारा की जिसमें हम फिर पैदा होते हैं और पवित्र आत्मा के द्वारा नये बनाए जाते है।

 

इफिसियों 2:8-10

 

8 परमेश्वर के अनुग्रह द्वारा अपने विश्वास के कारण तुम्हारा उद्धार हुआ है। यह तुम्हें तुम्हारी ओर से प्राप्त नहीं हुआ है, बल्कि यह तो परमेश्वर का वरदान है। 9 यह हमारे किये कर्मों का परिणाम नहीं है कि हम इसका गर्व कर सकें। 10 क्योंकि परमेश्वर हमारा सृजनहार है। उसने मसीह यीशु में हमारी सृष्टि इसलिए की है कि हम नेक काम करें जिन्हें परमेश्वर ने पहले से ही इसलिए तैयार किया हुआ है कि हम उन्हीं को करते हुए अपना जीवन बितायें।