Translate

Showing posts with label बनाया। परमेश्वर ने मनुष्य को अपने. Show all posts
Showing posts with label बनाया। परमेश्वर ने मनुष्य को अपने. Show all posts

Monday, October 7, 2013

ब्रह्मांड खस्ताहाल है

ब्रह्मांड ऊष्मप्रवैगिकी के दूसरे कानून के अनुसार खस्ताहाल है, ब्रह्मांड useable ऊर्जा खो रही है. यह पुराने से बढ़ रहा है. बाइबल क्या कहती है.


भजन संहिता 102:25-27

 

25 बहुत समय पहले तूने संसार रचा!
    तूने स्वयं अपने हाथों से आकाश रचा।
26 यह जगत और आकाश नष्ट हो जायेंगे,
    किन्तु तू सदा ही जीवित रहेगा!
वे वस्त्रों के समान जीर्ण हो जायेंगे।
    वस्त्रों के समान ही तू उन्हें बदलेगा। वे सभी बदल दिये जायेंगे।
27 हे परमेश्वर, किन्तु तू कभी नहीं बदलता:
    तू सदा के लिये अमर रहेगा।

 उत्पत्ति की पुस्तक जीवन के पहले समुद्र में और बाद में जमीन पर दिखाई दिया कि वाणी है.


उत्पत्ति 1:21

 इसलिए परमेश्वर ने समुद्र में बहुत बड़े—बड़े जलजन्तु बनाए। परमेश्वर ने समुद्र में विचरण करने वाले प्राणियों को बनाया। समुद्र में भिन्न—भिन्न जाति के जलजन्तु हैं। परमेश्वर ने इन सब की सृष्टि की। परमेश्वर ने हर तरह के पक्षी भी बनाए जो आकाश में उड़ते हैं। परमेश्वर ने देखा कि यह अच्छा है।

 

 

उत्पत्ति 1:26-27

 

26 तब परमेश्वर ने कहा, “अब हम मनुष्य बनाएं। हम मनुष्य को अपने स्वरूप जैसा बनाएगे। मनुष्य हमारी तरह होगा। वह समुद्र की सारी मछलियों पर और आकाश के पक्षियों पर राज करेगा। वह पृथ्वी के सभी बड़े जानवरों और छोटे रेंगनेवाले जीवों पर राज करेगा।”
27 इसलिए परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरूप में  बनाया। परमेश्वर ने मनुष्य को अपने ही स्वरुप में सृजा। परमेश्वर ने उन्हें नर और नारी बनाया।