Wednesday, September 10, 2014

आपका जीवन सत्य बताते हैं

मैं यीशु का अनुयायी हूं और कभी कभी अन्य लोगों को यीशु का पालन करने का दावा है. एक व्यक्ति को अपने दिल में यीशु है तो वे एक नई जिंदगी की जरूरत है. उनके जीवन पापी लेकिन एक शुद्ध जीवन जीने की इच्छा नहीं होनी चाहिए.

एक व्यक्ति ईमानदारी से यीशु का अनुसरण करता है तो उनके रहते पवित्रता होगा. लेकिन मैं एक व्यक्ति यीशु के लिए पवित्रता नहीं है जब पता नहीं.

एक व्यक्ति तो पवित्र आत्मा का फल नहीं है, तो व्यक्ति या तो अवज्ञाकारी है. आप यीशु के एक अवज्ञाकारी अनुयायी हैं तो आप पश्चाताप करने की जरूरत है. भगवान अपने पापों के लिए आप न्याय करेगा. तुम स्वर्ग में जा सकते हैं लेकिन आप पुरस्कार खो देंगे.

एक व्यक्ति यीशु के सच्चे अनुयायी नहीं है कि वहाँ एक मौका है. आप अपने दिल में यीशु को स्वीकार कर लिया है, अगर आप भगवान पूछने की जरूरत है. भगवान अपने दिल की जांच है.

आप यीशु के लिए अच्छा फल है तो आप यीशु की सेवा पर रखने की जरूरत है. यीशु ने अपने दिल में रहती है क्योंकि जीवन अपने दिल में है.

एक व्यक्ति यीशु प्यार करता है, तो वे यीशु के बारे में लोगों को बताना होगा. यीशु सम्मान उस व्यक्ति को आध्यात्मिक कैंसर के बारे में लोगों को बताना होगा. आध्यात्मिक कैंसर पाप कहा जाता है और यीशु पाप के लिए इलाज है. आप व्यक्ति किस तरह के हैं?



नीतिवचन 11:30

 
धर्मी का कर्म—फल “जीवन का वृक्ष” है, और जो जन मनों को जीत लेता है, वही बुद्धिमान है।

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