Monday, November 11, 2013

बुतपरस्त विचार

यह बाइबिल कविता बहुत ही रोचक है . कविता पाशविकता बताते हैं. पाशविकता का कार्य एक पशु के साथ यौन संबंध है
प्राचीन मिथकों बाबुल और कनान में बुतपरस्त देवताओं द्वारा प्रदर्शन पाशविकता के कृत्यों का वर्णन
प्राचीन समय में मानव जाति को अपने बुतपरस्त देवताओं के रूप में ही पाप का प्रदर्शन किया. यह लोगों को एक पशु के साथ यौन संबंध होता अद्भुत है लेकिन यह मानव हृदय के अंधकार से पता चलता है
आधुनिक दिन में, मानव जाति यह कहना है . हम जानवरों के साथ यौन संबंध नहीं है लेकिन पापी दिल उनके देवताओं के नाम पर घृणित कृत्यों करना होगा . मानव जाति के पाप मृत्यु को बढ़ावा देने . आज मानव जाति कसदियों की संस्कृतियों और कनानी तरह अशुद्ध दिल हो सकता है
भगवान की मौत नहीं देखना चाहता है . उन्होंने कहा कि लोगों में जीवन देखना चाहता है. मैनकाइंड यीशु के बिना मर चुका है . मानव जाति के पाप और एक पाप मृत्यु हो जाती है प्रतिबद्ध है . यीशु क्रूस पर मृत्यु हो गई और मृत से उठी . यीशु ने हमारे पापों को क्षमा कर सकता है क्योंकि एक व्यक्ति और मुक्तिदाता प्रभु यीशु के रूप में स्वीकार करते हैं . तब एक व्यक्ति को माफ कर दिया और स्वर्ग में जाना जा सकता है . एक व्यक्ति पश्चाताप करने के लिए मना कर दिया तो उनकी आत्मा को नरक में शापित



निर्गमन 22:19

 तुम किसी व्यक्ति को किसी जानवर के साथ यौन सम्बन्ध न रखने देना। यदि ऐसा हो तो वह व्यक्ति अवश्य मार डाला जाए।

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