Friday, August 23, 2013

जीवन का फव्वारा

हमारे शब्द हमारे दिल को दर्शाते हैं. मैं मैं पसंद नहीं है कि बहुत सी बातें सुनते हैं. यह मुझे मेरे दिल की जांच करता है.
मैं लोगों को आशीर्वाद और लोगों को अभिशाप नहीं करने की इच्छा.

मैं यीशु के बिना बुराई कर रहा हूँ. मैं तो मैं एक दिल की समस्या है यीशु का पालन नहीं करते हैं. यीशु के बिना दिल में हिंसा है. मैं तो मैं मेरे दिल में जीवन का एक फव्वारा होगा मदद के लिए भगवान पूछने की जरूरत है. मैं जीवन का सोता है, तो फिर मैं यीशु की प्रशंसा करने की आवश्यकता है.



नीतिवचन 10:11

 धर्मी का मुख तो जीवन का स्रोत होता है, किन्तु दुष्ट के मुख से हिंसा ऊफन पड़ती है।

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